Sunday, 18 June 2017

Muskan

नहीं मांगा खुदा और कोई सामान
उसके चेहरे पे हो बस हमेशा मुस्कान

हुस्न पर सब फ़िदा
ऐसी जादूगरी सी
ऐसा हीरे का टुकड़ा
अप्सरा सी परी सी

खुश हो प्यारी कली वो मासूम जान
नहीं माँगा खुदा और कोई सामान

नहीं चाहा मुझे तू हर इक ख़ुशी दे
नहीं कहता मुझे अम्बानी बना दे
उसे मुझसे थोड़ी मोहब्बत जो ना हो
नहीं कहता उसको दीवानी बना दे

पर उसके प्यारे से होंठो पे तालों से
कैद हो के उसी पे बना ले मकान...

उसके चेहरे पे हो बस हमेशा मुस्कान
नहीं माँगा खुदा और कोई सामान

मुझे प्यार उससे है
उसे भी पता है
मैं बताऊँ जताऊं ना
क्या इसमें खता है

नहीं कहता उसको तू राजी कराके
मेरी नजरों में हो जाये महान

उसके चेहरे पे हो बस हमेशा मुस्कान
नहीं माँगा खुदा और कोई सामान

ना राहत अरिजीत ना मालिक अमान
ना जग जाहिर कर तू रहने दे अंजान

मेरे हिस्से में जो गर थोडी सी हँसी हो
उसको लाखो गुना कर उसको देदे दान

उसके चेहरे पे हो बस हमेशा मुस्कान
नहीं माँगा खुदा और कोई सामान।

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